उम्र पर भारी पड़ता स्वाभिमान

विश्राम मीना उम्र 65 वर्ष (राजस्थान निवासी ) प्रवासी मजदूर

“मैं अपना नाम खुद लिख देता हूँ , कहीं तुम गलत ना लिख दो ” | बिसराम मीना, राजस्थान निवासी, सड़क बनाने के कार्य से जुड़े हैं और अपने काम के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाते रहते है |

 

By:- Anu Sharma

बिसराम मीना, उम्र 65वर्ष राजस्थान के निवासी है | इनकी पत्नी का नाम सोनवाई है इनकी दो बेटियां और तीन बेटे हैं इनका छोटा बेटा जयपुर पुलिस में है इसके बावज़ूद भी ये काम करते हैं इनका कहना है की काम करना मेरा शौक़ है| बस हमारे हाथ पैर सलामत रहें ‘मुझे मुफ्त की रोटी नही खानी है जब तक मैं सही सलामत हूँ खुद ही मेहनत्त करूँगा | मैं अपने बच्चो को स्वाबलंबी बनाना चाहता हूँ |मै चाहता हूँ की मेरे बच्चे ये मुश्किल वाली जिन्दगी ना झेलें |

दो वक्त की रोटी खानी है तो काम करना ही पड़ेगा

चाहे कितनी भी धुप क्यों न हो बिसराम मीना अपनी पूरी टीम के साथ काम करते हैं |

 

मनोज कुमार (टीम लीडर)

सड़क बनाना टीम वर्क है हम सारे इकठ्ठे काम करते है हमारे लीडर बहुत अच्छे है | हमें काम को बहुत अच्छे से समझाते है |

अगर दो वक़्त की रोटी खानी है तो काम तो करना ही पड़ेगा चाहे कितनी भी धुप हो | मैंने अपने बच्चों को बहुत मेहनत करके पढ़ाया है ताकि उनको मेरी तरह काम नहीं  करना पड़े | वह पढ़े लिखे और अपने पैरों पर खड़े होकर दिखाएँ उनकी जिन्दगी कभी भी मेरी तरह न हो | जिनके साथ मैं रहता हूँ वो भी मेरे परिवार की तरह है | सब लोग बहुत अच्छे है और घर की तरह रहते है |

ट्रेक्टर में भरे हुए ड्रमों में से तारकोल को निकालते प्रवासी कर्मचारी

कर्मचारी ट्रेक्टर में भरे हुए ड्रमों से सड़क पर बिछाने के लिए तारकोल निकालते हुए|

हम सारे इकठ्ठे काम करते है | धूप में भी हमें काम करना पड़ता है | हम सुबह 6 बजे से आ जाते है फिर हम 7 बजे शाम को घर वापिस जाते है | हमें अपना खाना खुद ही बनाना पड़ता है |हमने दो कमरों का घर ले रखा है | हमें हिमाचल बहुत अच्छा  लगता है | यहाँ के लोग बहुत अच्छे है |हमारे लीडर बहुत अच्छे है | हमें काम को बहुत अच्छे से समझाते है |

 

तारकोल और गिट्टी को मशीन में मिक्स करके सड़क पर बिछाते कर्मचारी

मशीन आने से सड़क बनाना आसान हो गया है | कर्मचारी मशीन द्वारा सड़क बिछाते हुए |

हम सुबह गाड़ी में अपना सामान लेकर कार्यस्थल पर पहुँचाते है फिर हम वहां पहुँच कर अपना कार्य करते है, फिर शाम को हम घर वापिस आ जाते है | हमारे साथ पूरे 15 लोग साथ में कार्य करते है | हमारी पूरी एक टीम होती है और जब कार्य पूरा हो जाता है तो हम दूसरी जगह चले जाते है | इससे पहले हमने बिलासपुर में काम  किया है | हमने कोई पढ़ाई नहीं की है हमने शुरु से ही यही काम किया है | मन तो हमारा भी करता है पढ़ने को पर क्या करे हमारे माँ बाप इतना नहीं कमाते है की वो हमें पढ़ा सके |

 

“कुछ काम आज भी हाथ से ही करने पड़ते है और शायद आगे भी करने पड़ेंगे | जो काम मशीन से नहीं होते वो हमें हाथ से करना पड़ता है”

सड़क को समतल करना जरुरी होता है, जो काम मशीन द्वारा नहीं हो पाता उसे हाथ से किया जाता है |

हम सड़क बनाने का कार्य करते है | हम मशीन में गिट्टी और तारकोल डालते है, मशीन में यह सब मिक्स हो जाता है और फिर मशीन द्वारा सड़क पर यह बिछाया जाता है फिर रोलर से इसे समतल किया जाता है | इससे मशीन के द्वारा कार्य बहुत कम मेहनत में आसानी से और बहुत जल्दी हो जाता है | हमारे लिए भी इस नयी तकनीक से कार्य करने में आसानी होती है और कम मेहनत लगती है |

कमल शर्मा सड़क से मिटटी और पत्थर को झाड़ू से हटाते हुए

ज़रा सड़क साफ़ कर ली जाये ताकि बेहतर पकड़ बनाई जा सके | कमल शर्मा सड़क से मिटटी और पत्थर को झाड़ू से हटाते हुए | “यह कार्य मशीन एवं झाड़ू दोनों से किया जाता है |पर हम लोग इसे झाड़ू से करते है |मेरा तो काम यही है”, कहते हैं कमल शर्मा |

जब कभी कभी रोलर से समतल नहीं हो पता है तो यह कार्य हाथ के द्वारा किया जाता है फिर हम इस पर रोलर चलाते है | ताकि गिट्टी सही से सड़क पर चिपक जाये और सड़क मजबूत एवं अच्छी बने |सड़क जितनी मजबूत और अच्छी बनती है तो उससे दुर्घटनाये होने की आशंका बहुत कम होती है |

 

“पावडर अब नयी सडको में इस्तेमाल किया जाता है इससे हमें सड़क को खोदने की जरूरत नहीं पड़ती है इसके इस्तेमाल के बाद हम पुरानी सड़क पर भी तत्काल कार्य कर सकते है”

मशीन से पाउडर का इस्तेमाल करते कर्मचारी |

हमें सड़क पर गिट्टी बिछाने से पहले सड़क को साफ करना पड़ता है यह कार्य करने के बाद मशीन एवं झाड़ू दोनों से किया जाता है पर हम लोग इसे झाड़ू से करते है | जितनी सड़क साफ होगी गिट्टी उतनी अच्छे से चिपकती है | क्योकि तारकोल धूल में कार्य नहीं करता है तो इसलिए इसे साफ करना बहुत जरूरी है  |

यह कार्य मशीन एवं झाड़ू दोनों से किया जाता है | यह पाऊडर अब नयी सड़कों में इस्तेमाल किया जाता है इससे हमें सड़क को खोदने की जरूरत नहीं पड़ती है इसके इस्तेमाल के बाद हम पुरानी सड़क पर भी तत्काल कार्य कर सकते है  यह सड़क को भी मजबूत बनता है,और हमें भी आसानी  होती है | इससे कम मेहनत  में अच्छे परिणाम मिलते है | हमारी टीम में सबको अलग अलग काम दिया होता है |

 

[Anu Sharma is a Second Semester Student at the Department of Journalism & Creative Writing, Central University of Himachal Pradesh.]

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s